दिवाली क्यों मनाई जाती है और इसकी शुरुआत कब और कैसे हुयी ?

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नमस्कार दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से techrealjankari.com ब्लॉग में बहुत बहुत स्वागत है दोस्तों जैसा की हम सभी जानते है की हमारा देश एक त्योहारों का देश और यहाँ पर सभी धर्म और संस्कृति के लोग मिल झूल कर रहते है हमारे देश में हर दिन कोई ना कोई त्यौहार चलता ही रहता है चाहे वो कोई जयंती हो या कोई बड़ा त्यौहार यहाँ पर शायद कोई ऐसा दिन नही निकलता होगा जिस दिन कोई त्यौहार ना मनाया गया हो आज हम बात करने वाले है हमारे देश के सबसे बड़े त्योहारों में से एक त्यौहार की जिसमे हम सब अपने घरो को दीपो से रोशन कर देते है और पटाको से चारो और शोर मचा देते है जी हा में बात करने वाला हु हमारे देश के पवित्र और सबसे बड़े त्यौहार दिवाली की बात दोस्तों दिवाली के त्यौहार का नाम लेते है हमे मिठाई और पटको की याद आ जाती है दिवाली तो हम सभी मनाते है और पटाके भी चलाते है अपने घरो में दीपक भी जलाते है लेकिन क्या आपको पता है दिवाली का त्यौहार हम क्यों मनाते है ? इस त्यौहार की शुरुआत कब और कैसे हुयी अगर आपको नही पता तो परेशान होने की कोई बात नही है क्योकि आज के इस पोस्ट में हम इसी बारे में बात करने वाले है तो आप सभी इस पोस्ट को पूरा पढना
diwali kyu mnate hai
 
दोस्तों हमारे देश सभी हिसो में इस त्यौहार को मनाने को लेकर अलग मन्यताए और कहानिया प्रचलित है जिनसे इस त्यौहार को मनाने के अलग अलग कारण हमारे सामने आते है उन्ही मन्यताओ के बारे हम आप लोगो को बताने वाले है जिनसे आप समझ सकते है की दिवाली का त्यौहार क्यों मनाया जाता है 

1.भगवान श्री राम के अयोध्या आने की ख़ुशी में 

हमारे देश में दिवाली के त्यौहार को मनाने को लेकर प्रचलित मान्यताओ में सबसे ज्यादा माने जाने वाली मान्यता ये ही है भगवान श्री राम अयोध्या के राजा दशरथ के सबसे बड़े पुत्र थे राजा दशरथ अपने पुत्र राम को राजा घोषित करने की तयारी कर रहे थे लेकिन विधाता को कुछ और ही स्वीकार था और भगवान श्री राम को चोदह वर्ष का वनवास मिल गया और श्री राम अपने अनुज लक्ष्मण और अपनी पत्नी सीता के साथ वन में चले गये उसके बाद उन्होंने में वन में ही अपने निवास स्थान बना लिया था वो वन में आराम से रह रहे थे लेकिन एक दिन राक्ष्शो के राजा रावन की बहन सुर्फण खा उनके निवास स्थान की और से गुजर रही थी तभी उसकी नजर श्री राम पर पड़ी तो वह उन्हें अपना पति बनाने की योजना बनाकर आई लेकिन श्री राम के छोटे भाई ने उनकी नाक काट दी जिसका प्रतिशोध लेने के लिए सुर्फह्न खा के भाई रावन ने राम की पत्नी सीता का हरण कर लिया था और उसे लंका में ले गया उसके बाद भगवन श्री ने किसकिन्दा के वानर राज  सुग्रीव के साथ मिलकर रावन पर आक्रमण किया और उन्हें मार दिया उसके बाद जब श्री राम अयोध्या में आये तो अयोध्या के सभी निवाशियो ने उनके स्वागत के लिए अपने घरो में दीप जलाये और उनका पुरे जश्न के साथ स्वागत किया तभी सी हम हर वर्ष दिवाली का त्यौहार मनाते है और अपने घरो में दीप जलाते है !
 

2.माता लक्ष्मी के जन्म दिन की खुशी में 

जैसा की दोस्तों हम सभी जानते है की देवी लक्ष्मी को धन और स्म्रिधि की स्वानी माना जाता है ! एक बार देवताओ और असुरो ने मिलकर समुद्र मंथन किया था उसी समय माता लक्ष्मी प्रकट हुयी थी और जिस दिन लक्ष्मी प्रकट हुयी थी वह दिन कार्तिक महीने की अमावश्या का था इसी कारण इस दिन को माता लक्ष्मी के जन्म दिन के रूप में भी मनाया जाता है और सभी हिन्दू अपने घरो में माता लक्ष्मी की पूजन करते है 

3.हिरन्यकक्ष्यप का वध 

एक पोरानिक मान्यता के अनुसार जब हिर्न्येक्स्य्प नामक असुर भगवान ब्रह्मा जी की कठोर तपश्या करके उनसे अजय होने का  वरदान प्राप्त कर लिया  जिस कारण उसे दुनिया में कोई भी हरा  नही सकता था इसलिए वह दुनिया में सभी लोगो को भगवान् की पूजा करने की अनुमति नही देता था और स्वयम को ही भगवान् समझने लग गया और लोगो को उनकी पूजा करने का आदेश दे दिया गया और जो उनकी पूजा नही करता उन्हें वह कड़ी से कड़ी सजा देता था इस कारण भगवान विष्णु ने  नरसिंग अवतार लेकर उनका वध किया जिस कारण वहा के लोगो ने इसी खुसी को दीप जलाकर मनाया था !

 4.नरकासुर वध की खुसी में 

भगवन श्री कृष्णा ने नरकासुर नामक असुर का वध दिवाली से एक दिन पहले चतुरदशी को किया था उसके बाद सभी गोकल वाशियों ने दीप जलाकर खुसिया मनाई थी 

5.पांड्वो के आगमन की खुसी में 

हिन्दू महाकव्य महाभारत के अनुसार पांडव जब कोरवो के साथ जुए में हार गये थे तो उन्हें बारह वर्ष का वनवास दे दिया गया था जिस कारण वे अपना बारह वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद कार्तिक महीने की अमावश्या को अपने राज्य में वापस लोटे थे जिस कारण उनके राज्य के लोगो ने उनके स्वागत के लिए दीपक जलाये और पटाके के चला कर खुसिया मनायी इस लिए भी दिवाली का त्यौहार मनाते है 

दिवाली का त्यौहार कब मनाया जाता है 

दिवाली का त्यौहार कार्तिक महा की अमावश्या के दिन बड़े ही धू से मनाया जाता है इस दिन सभी व्यक्ति अपने घरो में दीपक जलाते है और बच्चे पटाके चलाकर आनंद लेते है 
सही शब्दों में खे तो दिवाली त्यौहार हमारे लिए ढेर साडी खुशियों की सोगात लेकर आता है इस त्यौहार के समय किसान के खेत से खरीफ की फसल पककर आ जाती है और दिवाली की खुसी में सब अपने घरो को सझाते है और अपने सभी काम बड़े जोश के साथ करते है !

सारांश/निष्कर्ष

उम्मीद करता हु आप सभी को ये पोस्ट बहुत पसंद आया होगा अगर आपको ये पोस्ट पसंद आया हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते है और ऐसे नये नये पोस्ट पढने के लिए हमारे ब्लॉग में नियमित रूप से विजिट करते रहे है !
~~आप सभी को हमारी और से दिवाली की ढेर सारी सुभकामनाये~~


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